
बेगूं। बेगूं उपखंड क्षेत्र के नन्दवाई कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में बारिश के अभाव का असर अब खेती-किसानी के साथ बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी आई है, जिसके चलते नन्दवाई का बाजार इन दिनों सुस्त नजर आ रहा है और दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है।
नन्दवाई कस्बे के प्रतिष्ठित व्यापारी विकास वैष्णव, निर्मल नाराणीवाल, पिंटू भटेवरा, शंकर नाराणीवाल, मोहम्मद अंसारी, राजकुमार उपाध्याय, अनील सोनी, लोकेश आचार्य, रईश अंसारी और अशोक पाटनी सहित अन्य व्यापारियों ने बताया कि क्षेत्र में बारिश नहीं होने से ग्रामीण ग्राहकों की बाजार में आवाजाही प्रभावित हुई है। किसानों का अधिकांश समय खेतों में फसलों को बचाने और सिंचाई की व्यवस्था करने में बीत रहा है।
फसलों को बचाने के लिए किसान कर रहे अतिरिक्त मेहनत
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बारिश के अभाव में फसलों को जीवित रखने के लिए उन्हें अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। किसान फव्वारा सेट, मोटर, ट्यूबवेल और कुओं के माध्यम से खेतों में सिंचाई कर फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार सिंचाई करने के बावजूद किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है।
किसानों जमना लाल धाकड़, अशोक धाकड़, भेरू लाल धाकड़, मुकेश धाकड़, देवी लाल जाट, भेरू रैगर, श्याम लाल शर्मा, श्याम लाल कुम्हार, राकेश जोशी और लादू लाल सालवी सहित अन्य किसानों ने बताया कि बारिश के अभाव का फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वर्तमान समय में फसलों को बारिश की बेहद आवश्यकता है। यदि समय पर बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
कई गांवों में भी बारिश का असर
नन्दवाई के अलावा आमल्दा, जालमपुरा, सोनगर, मुरोली, नरसिंहपुरा, शिवपुरा, घनश्यामपुरा, अनोपपुरा, चरछा, पीपल्दा, जावदिया, उमरथुना, माधोपुर, खड़ी और नाल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश की कमी का असर देखने को मिल रहा है।
किसानों का कहना है कि खेतों में खड़ी फसलों को इस समय पर्याप्त नमी और बारिश की जरूरत है। किसान अपने स्तर पर सिंचाई के विभिन्न साधनों से फसलों को बचाने में जुटे हैं, लेकिन प्राकृतिक बारिश का कोई विकल्प नहीं है। वहीं व्यापारियों का कहना है कि बारिश नहीं होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार की गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ रहा है।




